जानता नहीं कि आसूं मेरे बाक़ी हैं कितनों का हौसला बढ़ाते चला जहाँ जो भी हो, या जितने जानता नहीं कि आसूं मेरे बाक़ी हैं कितनों का हौसला बढ़ाते चला जहाँ जो भी हो...
बिन बोले हो गए हम एक दूसरे के। लाखो वादे निभाए साथ में और कई सारे अभी बाकी हैं, बस बिन बोले हो गए हम एक दूसरे के। लाखो वादे निभाए साथ में और कई सारे अभी ब...
मैं जिक्र नहीं कर रही हूं विदेशों में होने वाले युद्ध, या तीसरी दुनिया के सारे देशों मैं जिक्र नहीं कर रही हूं विदेशों में होने वाले युद्ध, या तीसरी दुनिया के ...
नसीब से मिलतीं हैं आशीर्वाद और दुआ मुमकिन हो जाएगा सब, जो अब न हुआ। नसीब से मिलतीं हैं आशीर्वाद और दुआ मुमकिन हो जाएगा सब, जो अब न हुआ।
वो सारे सिक्के रखे हैं मेरे ख़ज़ाने मैं, जिसे लगे थे तुम अपना बनाने मैं । वो सारे सिक्के रखे हैं मेरे ख़ज़ाने मैं, जिसे लगे थे तुम अपना बनाने मैं ।
सब्र रख, कर्म में शर्म न रख, वक्त बदलते ही कर्म दिखता है। सब्र रख, कर्म में शर्म न रख, वक्त बदलते ही कर्म दिखता है।